बाघों की प्रजातियां | बाघों की संख्या | Tiger के बारे में रोचक तथ्य |

बाघों की प्रजातियां | बाघों की संख्या | Tiger के बारे में रोचक तथ्य |

दुनिया में पाई जाने वाली बिल्लियों की प्रजाति में बड़ी बिल्लियों में टाईगर आता है | टाइगर, बिल्ली वंश की प्रजाति है | यह जानवर ज्यादातर एशिया में पाया जाता है | टाइगर भारत में उत्तर से दक्षिण में पाया पाया जाता है | टाइगर को भारत में बाघ भी कहा जाता है | आज हम आपको बाघों की प्रजातियां के बारें में बताएँगे |

बाघों की प्रजातियां बाघों की संख्या Tiger के बारे में रोचक तथ्य

बाघ काफी खूबसूरत दिखते हैं | इसके साथ ही काफी खतरनाक भी होते हैं | अगर आपको बाघ कहीं दिखाई देते हैं तो उसके पास जाने की गलती ना करें | जितना हो सके इस जानवर से दूर ही रहे | बाघ शेरों की तुलना में बराबर होते हैं | भारत में ऐसे कई स्थानों में पाए जाते हैं |

आइए जानते हैं बाघों के बारे में कुछ इंटरेस्टिंग फैक्ट | 

दुनिया में पाए जाने वाले बाघ की लंबाई लगभग 2.5 से 3.9 मीटर होती हैं जो नर होते हैं | महिला वयस्क बाघ की लंबाई 2 मीटर से 2.8 मीटर होती है | इनकी टांगे 2 फीट तक होती हैं | इनके गर्दन की मोटाई काफी मोटी होती हैं | इन बाघों का कलर पीला, बुरा, सफ़ेद होता है | शरीर में काले रंग की लकीरे जैसे दिखने वाली धारियां होती हैं |

 इनके शरीर के नीचे हिस्से और पैर सफेद होते हैं जिस पर भी काली धारियां होती है | यह बाघ ज्यादातर जोड़ी में रहते हैं और हर 2 से 3 साल में यह जोड़ा बनाते रहते हैं | बाघ अच्छे शिकारी होते हैं | बाघ को धूप गर्मी ज्यादा पसंद नहीं होती | इसके साथ ही बाघ अच्छे तैराक भी होते हैं |

 यह ज्यादातर अपना शिकार रात में करते हैं | यह शिकार किए गए जानवरों के साथ कभी कभी शिकार ना होने से मृत जानवरों का सेवन भी करते हैं | जंगलों में रहने वाले बाघों का जीवन 10 से 11 साल तक होता है  | बाघों की पुंछ की लंबाई 90 से 100 सेंटीमीटर तक होती हैं |

 नर बाग का वजन लगभग 90 से 310 किलोग्राम और महिला बाग का वजन लगभग 65 से 170 किलोग्राम होता हैं | वयस्क मादा बाग प्रजनन के समय 6 बच्चों को जन्म दे सकती हैं | इन बच्चों का वजन 1.5 किलोग्राम होता है | नवजात शिशु करीब 1 से 2 हफ्तों तक अपने माता पिता पर ही निर्भर रहते हैं | शिकार करने की कला इन्हें अपने माता पिता से ही सीखने को मिलती हैं |

बागों को ताजा मांस खाना बहुत पसंद होता है | 1 वयस्क बाघ दिन में 9 से 10 किलोग्राम मास खा सकता है | वह काफी ताकतवर होता है | इनकी दाँतों की पकड़ काफी तगड़ी होती है | शिकार के समय यह बाघ अपने से बड़े जानवरों को आसानी से पकड़ कर ऊंची जगह में ले जा सकता है | यह बाघ अपने शिकार पर घातक हमला करता है | वह अपने आगे के दोनों पंजों को शिकार के शरीर पर पकड़ता है और अपने नुकीले दांतों से शिकार की गर्दन को दबोच लेता हैं और उसे मार डालता है |

 यह बाघ घने जंगलों में रहते हैं | गर्मी के दिनों में पानी की तलाश में यह बाहर निकल आते हैं | जिससे बाहर गांव, झीलों और यातायात सड़कों पर भी नजर आते हैं | बाघ जब दहाड़ते हैं | इनकी दहाड़ काफी तगड़ी होती है जिसे बहुत दूर से भी सुना जा सकता है (लगभग तीन किलोमीटर तक |) 

बाघों की प्रजातियां

 बंगाल टाइगर

 यह बाघ भारत में पाई जाने वाली प्रजातियों में से एक है | बंगाल टाइगर भारत में पश्चिम बंगाल राज्य में ज्यादातर पाये जाते हैं | इसलिए इसे बंगाल टाइगर कहा जाता है | बाघ भारत, नेपाल, भूटान, में पाया जाता है | यह बाघों की प्रजातियों में पाया जाने वाला सबसे बड़ा व ताकतवर तथा खतरनाक होता है | इस बाघ की लंबाई 260 से 300 सेंटीमीटर होती है और वजन 190 से 260 किलोग्राम तक होता है | 

नर बाघ के मुकाबले मादा बाग की लंबाई 250 सेंटीमीटर से 270 सेंटीमीटर तक होती है | इनका वजन 110 से 160 किलोग्राम तक होता है |

 साइबेरियन टाइगर 

साइबेरिया के सुदूर पूर्वी इलाकों में अमर ऊसर के जंगलों में पाया जाता है | यह बाघ उत्तर पूर्वी चीन में हुजून नेशनल साइबेरियाई टाइगर नेचर रिसर्च में कुछ संख्या में है | नर बाघ की लंबाई 190 सेंटीमीटर से 230 सेंटीमीटर और वजन 180 से 306 किलोग्राम होता है | मादा बाग की लंबाई 160 से 180 सेंटीमीटर और वजन 100 से 168 किलोग्राम तक होता है | इस प्रजाति की कुछ संख्या रूस में भी पाई जाती हैं |

इंडो-चाइनीस टाइगर

 यह बाघ चीन, बर्मा, कोलंबिया, थाईलैंड में पाया जाता है | यह बाघ ज्यादातर पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है | इन बाघों में वयस्क नर बाघ की लंबाई 270 सेंटीमीटर तक होती हैं और इनका वजन 155 से 200 किलो ग्राम वहीं महिला बाग की लंबाई 245 सेंटीमीटर तक होती है और वजन 110 से 140 किलोग्राम तक होता है |

साउथ चाइना टाइगर 

इस प्रजाति के बाघ को सन 1998 में विशिष्ट उप-प्रजाति के रूप में सूचीबद्ध किया गया था | इस प्रजाति के बाघ लगभग विलुप्त हो चुके हैं | इन बाघों में नर की लंबाई 230 से 260 सेंटीमीटर और वजन 140 से 180 किलोग्राम होता है | मादा बाघ की लंबाई 220 से 240 सेंटीमीटर और वजन 100 से 110 किलोग्राम होता है |

मलयन टाइगर

 इन बाघों की लंबाई लगभग 190 से 280 सेंटीमीटर और वजन 50 से 130 किलोग्राम तक होता है | माधवबाग की लंबाई 180 से 260 सेंटीमीटर और वजन 26 से 88 किलोग्राम तक होती है | यह बाग मलय प्रायद्वीप में पाये जाते हैं |

 बाघों की संख्या की कमी से प्रोजेक्ट टाइगर बाघ बचाओ परियोजना की शुरुआत की गई थी  | बाघों को बचाने के लिए अभयारण्य बनाए गए थे जिनके कारण बाघों की संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी हुई थी | आंकड़ों के अनुसार 2010 में जंगल में रहने वाले बाघों की संख्या 1701 थी | 2014 में बाघों की संख्या 2226 बाग थे | 

यह योजना केंद्र सरकार के द्वारा चलाई गई थी गई थी | 2018 में अखिल भारतीय बाघ के रिपोर्ट से बाघों की संख्या 2967 थी | बाघों की प्रजातियों में बाघ मुख्य रूप से 8 हैं |

साउथ-चाइना,  इंडोचाइनीस, सुमात्रा, बंगाल टाइगर, साइबेरियन यह बाघ बचे हुए हैं | बाली और जावा प्रजाति के बाघ विलुप्त हो चुके हैं | वर्तमान में बाघों के की सबसे ज्यादा संख्या भारत में है | जहां मध्यप्रदेश में 526 बाघ, कर्नाटक में 524 बाघ और उत्तराखंड में 442 बाघ देखे गए हैं | बाघ, बिल्ली की वंशज मानी जाती है | बिल्ली और बाघ का DNA 95% तक मिलता है | बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु हैं |

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