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मरने के बाद की दुनिया? marne ke bad kya hota hai in hindi – Marne ke bad atma ka kya hota hai

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Marne ke bad kya hota hai | आज जिस दुनिया के बारे में हम आपको बताने वाले हैं, वह एक ऐसी दुनिया है जिस दुनिया में अधिकांश लोग जाना नहीं चाहते, परंतु कभी ना कभी, कहीं ना कहीं उन्हें उस दुनिया में जाना ही पड़ता है।

यह एक ऐसी दुनिया है जहां जाने के लिए किसी भी प्रकार की कोई टिकट की जरूरत नहीं लगती है। हम बात कर रहे हैं वास्तविक दुनिया से परे मौत के उस पार की दुनिया की, जिसे World after death भी कहा जाता है।

मरने के बाद की दुनिया? marne ke bad kya hota hai? इसके बारे में हम आपको विज्ञान, अध्यात्म व काल्पनिक आदि तर्कों द्वारा विस्तार से समझाएंगे तथा मृत्यु से जुड़ी बहुत सी अनसुनी interesting facts के बारे में भी आपको बताएंगे। तो आइए जानते हैं, यह जानकारी निम्न है।

मौत या मृत्यु किसे कहते हैं? What is death??

मृत्यु या मौत संसार की वह स्थिति है जिसका सामना प्रत्येक जीवित प्राणी को अपने जीवन काल में करना ही पड़ता है। प्रत्येक जीवित प्राणियों के शरीर में जीव आत्मा होता है या विज्ञान के अनुसार एक अनोखी ऊर्जा और जब यह जीव आत्मा शरीर से निकल जाता है तो शरीर निष्क्रिय हो जाती है अथवा अचेत हो जाती है अर्थात् शरीर अपना काम करना बंद कर देती है, जिसे मृत्यु या मौत से संबोधित किया जाता है। अतः किसी के शरीर से जीवात्मा का निकल जाना या ऊर्जा नष्ट हो जाना मृत्यु कहलाता है।

मृत्यु के बाद क्या होता है? मरने के बाद क्या होता है? aadami marne ke bad kya hota hai? what happens after death?

मौत के बाद क्या होता है? या marne ke bad kya hota hai in hindi? इस विषय को आप को शब्दों के जरिए वैज्ञानिक, अध्यात्मिक व काल्पनिक तीनों ही नजरिए से आसानी से समझाने की कोशिश करेंगे।

इस विषय के जरिए हम आपके ज्ञान को बढ़ाने व आपके मन में चल रहे सवालों के जवाब देने आदि की कोशिश करेंगे। इस पोस्ट को पढ़ने के दौरान या इसे पढ़ने के बाद आपके मन को विचलित ना होने दें। तो आइए जानते हैं marne ke baad kya hota hai? या मृत्यु के बाद क्या होता है? विभिन्न आयामों द्वारा।

(अ) विज्ञान के अनुसार,science ke anusar:-

प्राचीन दुनिया की तुलना विज्ञान ने वर्तमान समय में बहुत तरक्की कर ली है। वैज्ञानिकों द्वारा मृत्यु पर या मौत पर अनेकों research किए गए हैं, जिसके अनुसार मानव शरीर में अथवा प्रत्येक जीवित प्राणी के शरीर में एक मुख्य प्रकार की ऊर्जा होती है और इसी ऊर्जा के बदौलत वह शरीर जीवित रहती है। जब वह ऊर्जा नष्ट हो जाती है तो शरीर भी किसी काम का नहीं रहता।

विज्ञान के अनुसार according to science जिंदा रहना शरीर में उपस्थित ऊर्जा से है। यदि यह ऊर्जा नष्ट हो जाती है तो, ना ही इसके आगे कुछ रहता है और ना ही इसके पीछे।


उदाहरण-

1) एक पेन में उपस्थित स्याही उस पेन की ऊर्जा होती है, जब वह ऊर्जा अर्थात स्याही खत्म हो जाती है तो उस पेन का कोई मोल नहीं रहता।


2) किसी वाहन का engine जिसमें उसका fuel ही उसका ऊर्जा होता है और जब यह fuel अर्थात ऊर्जा खत्म हो जाता है तो engine बंद हो जाता है।
इन दोनों उदाहरणों में फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें दोबारा से उर्जा रूपी स्याही व पेट्रोल या fuel डाला जा सकता है, परंतु जीवित प्राणी में दोबारा उर्जा नहीं डाला जा सकता।
हालांकि इस पर खोज जारी है कि kya mare hue ko dobara Jinda Kiya ja sakta hai? अर्थात मृत शरीर में पेन व engine की भांति क्या ऊर्जा डाला जा सकता है।

यह था विज्ञान का मांगना की marne ke baad kya hota hai?? संक्षिप्त में कहे तो विज्ञान के अनुसार मृत्यु के बाद after death कोई दुनिया नहीं होती, इसके बाद कुछ नहीं होता। मानव का सिर्फ एक जीवन होता है और यह जीवन खात्म तो सब खत्म।

(ब) अध्यात्म के अनुसार according to spiritual world:-

अध्यात्म के अनुसार प्रत्येक जीवित शरीर में एक जीव आत्मा होता है जो ईश्वर की देन है। यह जीव आत्मा 84 लाख योनियों के पश्चात मानव योनि में प्रवेश करता है। जब यह जीवात्मा शरीर को त्याग देता है तो यह किसी और जीव में प्रवेश कर लेता है और यदि कोई व्यक्ति दुष्ट या पापी है तो उसका आत्मा भटकता रहता है।

प्राचीन पुराणों के अनुसार, मुख्यता garud Puran ke anusar मृत्यु के बाद जब आत्मा शरीर त्याग देती है तो यह यमराज के पास जाती है और यमराज उसके कर्मों के अनुसार उस आत्मा को सजा देती है। इस तथ्य पर एक movie भी बनाई गई है जिसका नाम अपरिचित है।

पुराणों के अनुसार जो व्यक्ति पुण्य कार्य करता है उसे स्वर्ग जो व्यक्ति गलत काम करता है उसे नर्क मिलता है। Bhagwat Geeta ke anusar श्री कृष्ण भी कहते हैं कि आत्मा अमर है इसे नष्ट नहीं किया जा सकता। ‘नैनं छिंदंति शस्त्राणि’ यह श्लोक इस बात का प्रमाण है। Marne ke bad atma ka kya hota hai?? अध्यात्म के अनुसार, मरने के बाद आत्मा एक शरीर से दूसरे शरीर में प्रवेश करती है।


उदाहरण:-

जिस प्रकार मानव पुराने कपड़े या वस्त्र को फेंक देता है और दूसरे नए कपड़े को पहनता है, ठीक उसी प्रकार आत्मा पुराने शरीर या बूढ़े शरीर को त्याग देती है और नए शरीर में प्रवेश कर लेती है।

Marne ke dauran atma kahan se nikalti hai? आध्यात्मिक विचारों के अनुसार मरने के दौरान आत्मा मानव मस्तिष्क द्वारा निकलती है। यह था अध्यात्मिक विचार, आइए जानते हैं काल्पनिक विचार।

(स) काल्पनिक तथ्य के अनुसार kalpanik tathya:-

कल्पनिक मान्यता के अनुसार जब आत्मा शरीर त्यागता है तो वह कुछ दिनों तक भटकता रहता है। जिसे मोक्ष दिलाने के लिए मृत्यु के पश्चात पिंडदान किया जाता है। यदि किसी की मौत जानबूझकर किया जाए अर्थात् उसकी हत्या किया जाए तो काल्पनिक तथ्य के अनुसार उस व्यक्ति की आत्मा किसी अन्य जीव के शरीर में आ जाती है और वह उस आदमी से बदला लेती है जिसने उसकी हत्या की होती है।

बहुत लोगों का मानना यह भी होता है कि जो व्यक्ति जितना भी गलत काम करता है उसे उसका सजा मरने के बाद मिलता है। कल्पना के अनुसार बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि marne ke bad atma kitne din ghar mein rahti hai? यह उस आदमी के कर्मों पर निर्भर करता है यदि वह पापी था तो उसका आत्मा भटकता रहता है और नहीं तो उसे मोक्ष मिल जाता हैं।

मरने से पहले क्या दिखाई देता है?? Marne se pahle kya dikhai deta Hain??

यदि कोई व्यक्ति मरने की अवस्था में है या जब वह अपनी आखरी सांसे ले रहा होता है तो मरने से पहले उसके दिमाग में वे सभी बातें आती हैं जो वह करना चाहता था। उसे दिखाई देता है कि यमराज उसे लेने आ रहा है। उसे अपने प्रिय जनों को छोड़कर जाने में दुख लगता है।

विज्ञान की माने तो मरने के कुछ क्षण पहले दिमाग में dopamine अधिक मात्रा में निकलता है, जिससे उसे वह सब कुछ याद आता है जिसे उसने अपने जीवन काल में जिया है। दिमाग में oxygen का स्तर घटने लगता है जिससे हिर्दय heart beat तेज होने लगता है और ह्रदय धड़कना बंद कर देता है।

मरने के समय उसके मन में यह सवाल आता है कि kya mrityu ke bad sambandh samapt Ho jaate Hain? इन सब के उपरांत अंत में वह शांत महसूस करता है और मृत्यु को प्राप्त हो जाता है।

मृत्यु क्यों होती है? Mrityu kyo hoti hai? kya maut jaruri hai?

समाज के विकास के लिए मृत्यु आना जरूरी है क्योंकि जब भीड़ अत्यधिक बढ़ जाएगी तो इससे आर्थिक रूप से तथा अन्य प्रकार की बड़ी समस्याएं आ सकती हैं।

प्रकृति का यह सार्वभौमिक नियम है कि जो जन्म लिया है उसे अवश्य मरना पड़ेगा। इस संसार में सब कुछ विनाशी है कोई भी अमर नहीं है। विज्ञान के अनुसार according to science एक दिन ऐसा भी आएगा जब आसमान में सूर्य या चांद नहीं होंगे।

उदाहरण के रूप में, जिस प्रकार एक पुराने घर को तोड़कर नया घर बनाया जाता है और उसे हम विकास की दृष्टि से संबोधित करते हैं ठीक उसी प्रकार जब मनुष्य पुराना या बूढ़ा हो जाता है तो उसे जाना पड़ता है और नए शरीर का जन्म होता है।

क्या होता यदि कोई नहीं मरता? Kya hota yadi koi nahin marta?

यह धारणा काल्पनिक है और ऐसा होना लगभग नामुमकिन है, पर यदि ऐसा होता तो हमें मृत्यु शब्द का पता ही नहीं होता, लोगों के मन में यह प्रश्न ही नहीं उठता कि marne ke bad kya hota hai? या फिर mrityu ke bad ka sach kya hai??

जनसंख्या और अन्य जीवो की आबादी इतनी अधिक हो जाती की इस धरती में पैर रखने का जगह ही नहीं होता। प्राचीन काल के खतरनाक जीव जैसे dinosaur तथा प्राचीन काल के क्रूर राजा जैसे Genghis Khan आदि भी इस दुनिया में मौजूद होते, हालांकि कोई मरता नहीं परंतु अत्याचार अत्यधिक बढ़ जाता।

यदि ऐसा संभव होता तो खाने-पीने तक की समस्या आ जाती तथा पेड़ पौधे जंगल आदि नहीं बचते जिससे oxygen की कमी हो जाती, फिर भी मानव जीते रहते परंतु यह एक कल्पना मात्र है।

क्या मरे हुए को जिंदा किया जा सकता है? Kya mare hue ko Jinda Kiya ja sakta hai?

अब तक आप भली-भांति जान गए हैं कि शरीर को जिंदा रखने के लिए जीव आत्मा या ऊर्जा की जरूरत होती है और एक बार आत्मा शरीर से निकल जाती है तो वह दोबारा वापस नहीं आती। परंतु इस बात को हम दो मध्यम के द्वारा समझ सकते हैं-

(१) पुराणों के अनुसार:- इसके अनुसार मरे हुए को जिंदा किया जा सकता है। यह बात आपको भी पता होगा कि जब श्री गणेश भगवान को शंकर भगवान मार दिए थे तो उन्हीं ने उन्हें वापस जिंदा किया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे अनेक घटनाएं हैं।

(२) विज्ञान के अनुसार:- हालांकि विज्ञान ने बहुत ज्यादा तरक्की हासिल की है परंतु विज्ञान ने अभी तक किसी मृत इंसान को जीवित नहीं किया है परंतु वैज्ञानिक इस खोज में आज भी लगे हुए हैं कि Kya mare hue ko Jinda Kiya ja sakta hai?

अकाल मृत्यु किसे कहते हैं? Akal maut kya hai? akaal mrityu kise kahate Hain??

अकाल मृत्यु क्या होता है? इस प्रश्न का जवाब स्वयं इस में ही मौजूद है अर्थात् अकाल शब्द का मतलब होता है कि जिस का काल या मृत्यु नहीं आया हो और उससे पहले ही उसकी मृत्यु हो जाना, जिसे समय से पहले मर जाना? भी कहते हैं।

रोड दुर्घटना या फिर किसी हादसा से मर जाना अकाल मृत्यु कहलाता है। Akal mrityu ke bad atma kahan jaati hai? अनेक कथनों के अनुसार आत्मा भटकती रहती है और उसे मोक्ष दिलाने हेतु पिंडदान किया जाता है।

उचित मृत्यु किसे कहते हैं? Uchit mrityu kya hai? Sahi maut kya hai?

यदि कोई व्यक्ति person अपने सपनों को पूरा करके अपनी पूरी उम्र अच्छे से व्यतीत कर के बिना किसी प्रकार के कष्ट भोगे या मृत्यु से पहले होने वाले कष्टों जैसे बिस्तर में पड़े रहना आदि समस्याओं का सामना किए बिना मृत्यु लोक को प्राप्त होना उचित मौत या मृत्यु कहलाता हैं। परंतु यह मौत ईश्वर की देन व अच्छे कर्मों का नतीजा होता है जो हर किसी को प्राप्त नहीं होता।

क्या आत्मा को कैद किया जा सकता है? Kya atma ko kaid Kiya ja sakta hai?

यह सवाल बहुत लोगों के मन में आता होगा परंतु आत्मा अविनाशी है, इसे नष्ट नहीं किया जा सकता, यह एक ऊर्जा है जिसे कोई पकड़ या छू नहीं सकता।

इस तथ्य को सिद्ध करने के लिए America के कुछ वैज्ञानिक एक ऐसे person को कांच के airproof box में बंद कर देते हैं जो मरने ही वाला होता है ताकि जब उसके शरीर से आत्मा निकले तो वह उस कांच के air tight box में कैद हो जाए। परंतु ऐसा नहीं होता उस air tight box में एक छोटा छेद हो जाता है, इससे यह सिद्ध होता है कि आत्मा को कभी कोई कैद नहीं कर सकता।

परंतु आप को लूटने के लिए कई ऐसे तांत्रिक होते हैं जो दावा करते हैं कि वह आत्मा को कैद कर सकते हैं, विज्ञान के अनुसार यह संभव नहीं है।

पुनर्जन्म क्या है? Punarjan mein kya hota hai?

पुनर्जन्म क्या है क्या पुनर्जन्म नहीं होता है? यह एक रोचक प्रश्न है पुनर्जन्म का मतलब होता है कि यदि किसी person का कोई इच्छा उसके उस जन्म में अधूरा रह गया हो और उसे पूरा करने के लिए वह दोबारा जन्म लेकर आता है, जिसे पुनर्जन्म कहा जाता है।


पुनर्जन्म बिना किसी मकसद के नहीं होता। आपने यह भी सुना होगा कि जो हम आज वर्तमान समय में भोग रहे हैं वह हमारे पिछले जन्म के कर्मों का परिणाम होता है अर्थात् आप भी अपने पुनर्जन्म में ही जी रहे हैं परंतु हमें याद नहीं होता।

उदाहरण के रूप में, Mahabharata के समय जब पितामह भीष्म ने राजा के कन्याओं का अपहरण कर लिया था तो उनमें से एक ने यह प्रतिज्ञा ली की अगले जन्म में मैं तुम्हारे मौत का कारण बनूंगी जिसे आप शिखंडी के नाम से जानते हैं। परंतु विज्ञान में अभी तक पुनर्जन्म के प्रमाण नहीं मिले है।

मरने से पहले के संकेत? Marne se pahle ke sanket?

प्रकृति के नियम के अनुसार मौत सबको आनी है परंतु garud Puran ke anusar मरने से पहले के संकेत निम्न है:-


(१) पानी या तेल में आपका परछाई ना दिखना।
(२) अपने पूर्वजों की मौजूदगी का एहसास होना।
(३) शरीर से एक अजीब प्रकार का गंध आना।
(४) आईने में स्वयं का चेहरा अलग दिखाई देना।
(५) जुबान एठने लगती है, आंखों के सामने तीव्र रोशनी दिखाई देती है। आदि संकेत गरुड़ पुराण के अनुसार दिखाई देते हैं।

अंधविश्वास मान्यता? Andhvishwas Manyata?

जहां सच्चाई है वहां अंधविश्वास भी अनेक है। जिसमें बहुत लोग यह मानते हैं कि यदि कोई व्यक्ति मर जाता है तो उस व्यक्ति का आत्मा किसी अन्य जीवित आदमी के शरीर में प्रवेश ले सकती है, परंतु यह एक अंधविश्वास है क्योंकि एक शरीर में केवल एक ही आत्मा का समावेशन हो सकता है। उदाहरण:- जिस प्रकार एक पेन में सिर्फ एक ही refill हो सकता है या एक ताले की सिर्फ एक चाबी हो सकती है।

इस प्रकार हमने जाना की mrityu ke bad kya hota hai? hindu dharm mein Marne ke baad kya hota hai? marne ke bad atma ka kya hota hai? आदि के बारे में।

यदि आपको इस पोस्ट से जुड़ी किसी भी प्रकार की कोई सवाल या प्रश्न पूछना है तो हमें कमेंट comment अवश्य करना और शेयर share भी करना। धन्यवाद!

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